भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार में विशेष निगरानी इकाई यानी एसवीयू की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में बांका प्रमंडल में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में एसवीयू ने बड़ी कार्ररवाई शुरू की है। मंगलवार को एसवीयू की टीम ने उनके चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई पटना, वैशाली और बांका में अलग-अलग स्थानों पर की गई। इन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1)(बी) सह पठनीय 13 (2) सह पठनीय 12 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की गई है। इनके पटना के पत्रकार नगर थाना के महावीर नगर में मौजूद नंदनी अपार्टमेंट के फ्लैट-307, फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र में मौजूद अभियंता हरेंद्र कुमार की पत्नी कुमारी सोनी के नाम पर फ्लैट, वैशाली के पातेपुर थाना स्थित सिमरवारा के पैतृक आवास और बांका स्थित लघु जल संसाधन विभाग के कार्यालय एवं यहां मौजूद उनके किराए के मकान में एक साथ छापेमारी की गई।

इन सभी स्थानों पर तलाशी के दौरान अर्जित अकूत संपत्ति से संबंधित कई ठोस साक्ष्य मिले हैं। तलाशी के दौरान अभियुक्त एवं उनकी पत्नी के नाम से एक अतिरिक्त फ्लैट तथा भूखंड समेत अचल संपत्ति के अब तक आठ दस्तावेज प्राप्त हुए हैं। इन सभी अचल संपत्ति का सरकारी मूल्य 1.43 करोड़ रुपये आंकी गई है। इन अचल संपत्तियों में फुलवारीशरीफ क्षेत्र में बेउर चौराहा के पास प्लॉट, वैशाली के पातेपुर में क्रय जमीन के तीन प्लॉट, पत्नी के नाम पर पटना के महावीर नगर में जनक नंदनी आपार्टमेंट में एक फ्लैट, संपत्तचक एवं दानापुर में जमीन के एक-एक प्लॉट, पटना के मीठापुर में कृषि फॉर्म के पास अंशुल होम्स में एक फ्लैट तथा पटना जिला के परसा थाना के फजीलाबाद मौजा में जमीन के प्लॉट के कागजात मिले हैं।

इनके जनक नंदनी अपार्टमेंट के फ्लैट नं- 307 की तलाशी के दौरान 9 लाख 50 हजार रुपये कैश, 81 लाख रुपये के सोने एवं चांदी के आभूषण, एक क्विड रेनो कार, होंडा यूनिकॉर्न बाइक, यामाहा की स्कूटी समेत अन्य कई महंगी वस्तुओं की खरीदारी से संबंधित अनेक वॉउचर या बिल बरामद हुए हैं। इसके अलावा पैतृक आवास से तलाशी के दौरान 3.42 लाख रुपये नकद और जमीन से संबंधित कागजात मिले हैं। इसके अलावा सरकारी बैंकों में 5 खाते की जानकारी मिली है, जिनमें काफी राशि जमा होने की प्राथमिक सूचना मिली है। फिलहाल सभी दस्तावेजों की जांच जारी है। आय के स्त्रोत और पासबुक की जांच शुरू
एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की संपत्ति, आय के स्त्रोत और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर से बैंक पासबुक, उनके परिजनों के पासबुक को खंगाला जा रहा है। विशेष निगरानी इकाई के अधिकारियों ने बताया कि अभियंता के पास अवैध संपत्ति होने की जानकारी मिली थी। इसकी पड़ताल करने के बाद 10 अगस्त को मामले में एफआईआर की गई थी। एफआईआर के अगले दिन 11 अगस्त को छापेमारी की गई।
