बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने राजद नेता तेजस्वी यादव के बुधवार को प्रस्तावित लोक भवन मार्च को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव का यह लोक भवन मार्च नहीं, बल्कि उनका ‘राजनीतिक कैरियर बचाओ मार्च’ है। वे अपने राजनीतिक अस्तित्व और कैरियर को बचाने के लिए यह मार्च निकालने जा रहे हैं।
संजय सरावगी ने कहा कि राजद में तेजस्वी यादव के नेतृत्व को लेकर नाराजगी अब किसी से छिपी नहीं है। पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थिति यह है कि प्रस्तावित मार्च में लोगों से शामिल होने की अपील करने के लिए राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को स्वयं सामने आना पड़ा। इससे साफ है कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लोगों को जोड़ने की क्षमता पर राजद के भीतर भी भरोसा कमजोर हुआ है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि तेजस्वी यादव अपने जीवन में छात्र, खिलाड़ी और अब राजनीति के क्षेत्र में भी लगातार असफल होते आए हैं। अब वे छात्र हित के नाम पर मार्च निकालकर अपनी राजनीति को फिर से स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को पहले यह बताना चाहिए कि जब छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे, तब वे कहां थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान तेजस्वी यादव विदेश दौरे पर थे। दूसरी ओर, केंद्र सरकार और बिहार सरकार ने छात्रों की मांगों पर तत्काल पहल की और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए। आज छात्र आंदोलन से जुड़े जिन मुद्दों को लेकर तेजस्वी यादव मार्च की बात कर रहे हैं, उनमें से अधिकांश मुद्दों पर सरकार पहले ही कार्रवाई कर चुकी है।
संजय सरावगी ने कहा कि बिहार में शिक्षकों की नियुक्ति लगातार हो रही है। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार देने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। ऐसे में समाप्त हो चुके मुद्दों को राजनीतिक हथियार बनाकर तेजस्वी यादव जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब राजनीतिक नारे और दिखावे की राजनीति को समझ चुकी है। जनता को विकास, रोजगार, शिक्षा और बेहतर भविष्य चाहिए। तेजस्वी यादव को जनता को यह बताना चाहिए कि अपने शासनकाल और विपक्ष की राजनीति के दौरान उन्होंने युवाओं के लिए क्या ठोस काम किया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजद और तेजस्वी यादव को यह समझ लेना चाहिए कि केवल मार्च निकालने और बयानबाजी करने से बिहार की जनता का विश्वास हासिल नहीं किया जा सकता। जनता काम और परिणाम देखती है और बिहार में सरकार लगातार इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
