लंबित चालानों के निपटारे में बिहार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सभी जिलों में 7 से 12 सितंबर 2026 तक आयोजित विशेष अभियान के तहत राष्ट्रीय लोक अदालत में राज्यभर के वाहन मालिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वाहन मालिकों और चालान धारकों को लंबित चालानों के निपटारे का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित इस अभियान के दौरान राज्यभर में कुल लगभग 71,126 चालानों का निपटारा किया गया।
वाहन मालिकों को मिला लंबित चालान निपटाने का अवसर
परिवहन सचिव श्री राज कुमार ने बताया कि लोक अदालत के आयोजन का उद्देश्य वाहन मालिकों एवं चालान धारकों को लंबित चालानों के निपटारे के लिए सरल और सुविधाजनक अवसर उपलब्ध कराना था। विशेष अभियान के दौरान बड़ी संख्या में वाहन मालिकों ने लोक अदालत का लाभ उठाते हुए अपने लंबित चालानों का निपटारा कराया।
परिवहन सचिव ने वाहन चालकों से अपील की कि चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करें। वैध दस्तावेजों के साथ वाहन चलाएं और भविष्य में चालान की स्थिति से बचने के लिए सड़क सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करें।
चालान राशि जमा करने में 50 प्रतिशत तक की मिली छूट
राज्य परिवहन आयुक्त श्री आरिफ अहसन ने बताया कि लंबित चालानों के त्वरित निपटारे के लिए यातायात उल्लंघनकर्ताओं को चालान राशि में 50 प्रतिशत तक की छूट का लाभ दिया गया। लोक अदालत के माध्यम से 90 दिनों से अधिक समय से लंबित चालानों के निपटारे का अवसर उपलब्ध कराया गया, जिसका बड़ी संख्या में वाहन मालिकों ने लाभ उठाया। उन्होंने कहा कि इस पहल से लंबित मामलों के समाधान के साथ-साथ वाहन चालकों को यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक करने में भी मदद मिली।
8.21 करोड़ रुपये की जमा हुई चालान राशि
लोक अदालत में सिर्फ हजारों लंबित चालानों का निपटारा ही नहीं हुआ, बल्कि करोड़ों रुपये की चालान राशि से जुड़े मामलों का भी समाधान किया गया। कुल 71,126 चालानों का निपटारा हुआ, जिससे कुल 8.21 करोड़ रुपये की राशि से संबंधित चालानों का निपटारा लोक अदालत के माध्यम से किया गया।
पटना में सर्वाधिक चालानों का निपटारा
जिलावार आंकड़ों में पटना में सर्वाधिक 21,304 चालानों का निपटारा किया गया। इसके बाद मुजफ्फरपुर में 14069 तथा भागलपुर में 12,336 चालानों का निपटारा हुआ। वहीं मोतिहारी में 2,747, नालंदा में 1,516, कटिहार में 1460 तथा बेगूसराय में 1,400 चालानों का निपटारा किया गया।
