जिले में बाढ़ एवं अत्यधिक वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मती का कार्य मिशन मोड में जारी है। जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार ने सभी संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को सड़क मरम्मती कार्य में और तेजी लाते हुए निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है, ताकि आम नागरिकों को आवागमन में अधिक से अधिक सुविधा मिल सके।
पटना जिला अंतर्गत आने वाली NHAI की 145 किलोमीटर सड़क में बाढ़ एवं अत्यधिक वर्षा से 130 स्थानों पर बने छोटे -छोटे गड्ढे को मरम्मती के लिए चिह्नित किया गया था, जिनमें से 100 स्थानों पर गड्ढों को ठीक किया जा चुका है। शेष 30 स्थानों पर भी कार्य तेजी से जारी है।

ग्रामीण कार्य विभाग के विभिन्न प्रमंडलों में भी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मती का कार्य लगातार प्रगति पर है। बाढ़ प्रमंडल में 166 चिह्नित स्थलों में से 5 स्थानों पर लगभग 1.60 किलोमीटर सड़क की मरम्मती पूर्ण हो चुकी है। पटना पश्चिमी प्रमंडल में 96 चिह्नित स्थलों में से 43 स्थानों पर कार्य पूरा किया जा चुका है। साथ ही बाढ़ से क्षतिग्रस्त 5 सड़कों, जिनकी कुल लंबाई लगभग 4.9 किलोमीटर है, को पुनः मोटरेबल बनाने का कार्य प्रगति पर है।पालीगंज प्रमंडल में 73 चिह्नित स्थलों में से 6 स्थानों पर 2 किलोमीटर से अधिक सड़क की मरम्मती पूर्ण हो चुकी है। दानापुर प्रमंडल में चिह्नित दोनों स्थानों पर मरम्मती कार्य पूरा कर लिया गया है। मसौढ़ी प्रमंडल में 11 चिह्नित स्थलों में से 6 स्थानों पर कार्य पूर्ण हो चुका है।
पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत भी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मती तेजी से की जा रही है। न्यू कैपिटल रोड डिवीजन में चिह्नित 355 स्थलों में से 72 स्थानों पर सड़क की मरम्मती पूरी की जा चुकी है। पटना पश्चिमी डिवीजन में 129 चिह्नित स्थलों में से 8 स्थानों पर लगभग 7 किलोमीटर सड़क की मरम्मती पूर्ण हो चुकी है। पटना सिटी पथ प्रमंडल में चिह्नित सभी 4 स्थानों पर लगभग 1.5 किलोमीटर सड़क की मरम्मती पूरी कर ली गई है।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ एवं अत्यधिक वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों को शीघ्रता से आवागमन योग्य बनाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण करते हुए कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा शेष कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सड़क मरम्मती कार्य में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
