रविवार को हिलसा सूर्यमंदिर तालाब स्थित गायत्री शक्तिपीठ के ऊपरी तल्ले पर साप्ताहिक कार्यक्रम के संध्या कालीन सत्र में युवाओं ने सामूहिक साधना एवं प्रार्थना के माध्यम से अपने मन को एकाग्र किया तथा सद्विचारों, सकारात्मक सोच और जीवन के श्रेष्ठ उद्देश्यों को आत्मसात करने का प्रयास किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक जागरूकता तक सीमित नहीं, बल्कि युवाओं को जीवन में सही दिशा चुनने, अपनी प्रतिभा एवं क्षमताओं को पहचानने, करियर के प्रति सजग होने और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।
आज के समय में युवा शक्ति को सही दिशा, मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण मिले, तो वही युवा अपने जीवन को सार्थक बनाने के साथ-साथ परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इस अवसर पर युवाओं ने संकल्प लिया कि वे गुरुदेव के विचारों को केवल सुनेंगे नहीं, बल्कि उन्हें अपने आचरण और जीवन में उतारने का प्रयास करेंगे तथा इन प्रेरणादायी विचारों को अधिक से अधिक युवाओं तक पहुँचाएंगे।
हमारा प्रयास — युवा शक्ति को सही दिशा देना, उनके सपनों को सही मार्गदर्शन देना और उन्हें एक उज्ज्वल एवं सार्थक भविष्य के लिए तैयार करना।
