बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने राजद-कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन लोगों ने दो परिवारों की सत्ता सुरक्षित रखने के लिए बिहार के सम्मान और बिहारियों के भविष्य तक को दांव पर लगाया है । इनके राजनीतिक अनुकंपाधारी शहजादों राहुल-तेजस्वी ने बिहार की अस्मिता पर कीचड़ उछालने वाले स्टालिन और रेवंत रेड्डी जैसे लोगों को बिहार बुलाकर बेहिचक मंच पर सम्मानित किया ।

श्री सिन्हा ने कहा कि तेजस्वी यादव बिहार के ‘फेस’ बनना चाहते हैं । लेकिन बिहार की जनता को इन पर ‘फेथ’ नहीं है । परिस्थितियों के तुक्के पर इन्हें पिछले विधानसभा चुनाव में उम्मीद से कुछ ज्यादा सीटें मिल गईं तो इन्हें लगने लगा कि ये जननेता हो गए हैं । लेकिन वास्तविकता यही है कि बीते 5 वर्षों में लोगों ने भी देख लिया है कि ये केक-संस्कृति के हवाई नेता हैं, जिनका जमीनी हकीकत से कोई सरोकार नहीं है । जनता ने इसका ट्रेलर बीते लोकसभा चुनाव और अलग-अलग उपचुनावों में दिखा भी दिया है ।

श्री सिन्हा ने आगे कहा कि बिहार में 2005 से NDA ने सुशासन और विकास के मामले में ‘जाँची, परखी और खरी’ सरकार दी है । आज आदरणीय प्रधानमंत्री और माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में हमने जो कहा वो करके दिखाया है । हमने 10 लाख सरकारी नौकरी और 10 लाख रोजगार देने का लक्ष्य रखा था । जिसे 10 लाख सरकारी नौकरी और 40 लाख रोजगार के साथ समय से पहले हासिल करके दिखाया । 2005 में राज्य में केवल 6 मेडिकल कॉलेज थे, आज 12 चल रहे हैं और 21 अन्य निर्माणाधीन तथा 7 नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिल चुकी है । इसी तरह आज राज्य के हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज है । बिहार की युवा शक्ति को सक्षम बनाने के लिए कुशल युवा कार्यक्रम, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता एवं मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना का लाभ तो मिल ही रहा है । साथ ही कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है । जो राज्य के युवाओं को कुशल, दक्ष और रोजगारपरक बनने में मदद करेगा ।
