मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इशारे में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर अपनी सरकार बनाने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है।
गुरुवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री ने हंसी-मजाक की मुद्रा में कहा कि तेजस्वी जब पहली बार 2015 में उनकी सरकार में उप मुख्यमंत्री बने थे, तब ठीक थे। इधर-उधर नहीं करते थे, लेकिन दूसरी बार जब उन्होंने तेजस्वी को अवसर दिया तो गड़बड़ी की शिकायत आने लगी। इधर-उधर करने लगे थे।
उन्होंने तेजस्वी से पूछा- छह लोगों (विधायकों) को खींचने के लिए कहा से पैसा लिया था। यह सब उस समय हुआ, जब मुख्यमंत्री विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद के प्रस्ताव पर बोल रहे थे। तेजस्वी बीच-बीच में उन्हें टोक रहे थे। नीतीश कुमार ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 2005 से पहले वाली स्थिति याद है न क्या था लोग शाम में घर से बाहर नहीं निकलते थे, लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह से खराब था ,जब nda की सरकार बनी तब स्थिति तेजी से सुधरने लगी । मुख्यमंत्री ने बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य क्षेत्रों में व्यापक रूप से विकास करने का दावा किया ।साथ ही अगले पांच साल में तेजी से विकास करने का दावा भी किया और देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने का दावा किया |
बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद दोनों सदन में नीतीश कुमार ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि केंद्र की मदद से राज्य तेजी से तरक्की कर रहा है ,केंद्र सरकार सूबे के विकास के लिए लगातार आर्थिक मदद कर रहा है इसके लिए मै प्रधानमंत्री जी को नमन करता हूं उन्होंने प्रधानमंत्री जी के बारे में बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी लगातार बिहार आ रहे है और कई विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन कर चुके हैं।
नीतीश कुमार में अगले पांच वर्षों में कई नए उद्योगों की स्थापना सहित सभी बंद पड़े चीनी मिल को चालू किए जाने की भी घोषणा की ।
