बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) की ओर से बादशाही नाला की सफाई को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इससे बड़ी आबादी को जलजमाव की समस्या से मुक्ति मिलेगी। बादशाही नाला में जमी जलकुंभी, जलीय घास, कीचड़ एवं सीवेज अपशिष्ट को हटाने का कार्य प्रस्तावित किया गया है।
यह कार्य नथ्थुपुर रोड, हसनपुर गांव के पास 07.35 किलोमीटर से लेकर एएफएस बरमूता स्थित बादशाही नाला के मिलन बिंदु 30.13 किलोमीटर तक किया जाएगा। बुडको के अनुसार इस कार्य का उद्देश्य नाले की जलधारण क्षमता बढ़ाना, जलजमाव की समस्या से राहत दिलाना तथा स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।
इस परियोजना पर कुल एक करोड़ नौ लाख 29 हजार 600 रुपये की अनुमानित राशि खर्च की जाएगी। तीन माह में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य है। इस कार्य से क्षेत्र में स्वच्छता के साथ-साथ जलनिकासी व्यवस्था में भी सुधार की उम्मीद है।
बादशाही नाला शहर के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित है। पहले यह पईन हुआ करता था और इसके पानी का उपयोग सिंचाई के लिए किया जाता था। इसके आसपास के क्षेत्रों में मकान बन जाने के कारण अब इसका इस्तेमाल नाले के तौर पर जलनिकासी के लिए किया जा रहा है। बेऊर से बरमूता तक लगभग 30 किलोमीटर बादशाही नाले का विस्तार है।
बता दें कि हर साल बरसात के दिनों में नाले से पानी ओवरफ्लो हो जाता है, जिससे बड़ी आबादी प्रभावित होती है। लोगों के घरों में पानी घुस जाता है। इस बार समय से सफाई नहीं की गई तो बरसात के दिनों में नाले से पानी ओवरफ्लो हो सकता है। पटना सिटी अंचल क्षेत्र के परियोजना निदेशक इस कार्य की निगरानी करेंगे। ससमय और गुणवत्ता कार्य कराना बुडको की प्राथमिकता है।
नाले पर फोरलेन सड़क बनाने का है प्रस्ताव
बादशाही पईन से खेती के लिए सिंचाई की व्यवस्था थी, लेकिन शहरीकरण होने के कारण इस इलाके में कृषि योग्य भूमि पर भी मकान बना दिए गए हैं। इसलिए इसकी कृषि कार्य के लिए उपयोगिता धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है। बादशाही नाले पर फोरलेन सड़क बनाने का प्रस्ताव है।
