बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार ने आज 10:15 बजे पूर्वाह्न में जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि के अवसर पर विधान सभा परिसर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
उन्होंने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्य तिथि के अवसर पर मैं उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। जननायक का पूरा जीवन शोषितों,वंचितों,पीड़ितों और गरीबों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उनका जीवन लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने एवं भारतीय संविधान में निहित स्वतंत्रता, समानता और भ्रातृत्व के सिद्धांतों का व्यवहार में उतारने के अथक प्रयास की मिसाल है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनकी महती भूमिका रही है। वे आजादी के बाद विधायक रूप में शोषित,वंचित एवं गरीब तबके की समस्याओं को विधानसभा में पुरजोर तरीके से उठते रहे। उन्होंने विधानसभा से लेकर सड़क तक जन समस्याओं के समाधान के लिए हर समय अपनी आवाज बुलंद की।
सत्ता में आने के बाद अपने दो बार के मुख्यमंत्रित्व काल में उन्होंने सरकार को जनता तक पहुंचाने तथा बेहतर जन कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उन्होंने किसानों को भू राजस्व बकाया माफ किया। भूमि पर अधिभार को समाप्त किया। उन्होंने गरीबी–अशिक्षा के दुष्चक्र को तोड़ने के लिए दसवीं कक्षा तक शिक्षा का नि:शुल्क किया। अंग्रेजी में उत्तीर्ण होने की अनिवार्यता को समाप्त किया। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से मुफ्त खाद्यान्न प्रदान करने के लिए पहली बार अंत्योदय योजना लागू की। उन्होंने पिछड़ी जातियों, अति पिछड़ी जातियों, महिलाओं और उच्च जाति के गरीबों के लिए शैक्षिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में आरक्षण लागू किया। सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हम सबके लिए प्रेरणादायी है। कर्पूरी जी का जीवन सादगी ,संघर्ष, सामाजिक न्याय एवं समता मूलक समाज का प्रतीक था। उनका मानना था कि समाज का अंतिम व्यक्ति भी सम्मान और अवसर प्राप्त करें तभी विकसित समाज होगा, विकसित बिहार बनेगा। उनकी सादगी, ईमानदारी ,नैतिकता आज भी राजनीति में प्रेरणा स्वरूप है। उन्होंने सिद्ध किया राजनीति सेवा का साधन है, स्वार्थ पूर्ति का माध्यम नहीं। हम सब बिहारवासी मिलकर जननायक के सपनों का बिहार बनाने के लिए न्यायपूर्ण और समता मूलक समाज का निर्माण करें। यही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
