बिहार विधान परिषद् के माननीय सभापति श्री अवधेश नारायण सिंह के आमंत्रण पर अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (सैक-इसरो) के निदेशक श्री नीलेश एम. देसाई एवं प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक श्री दीपक सिंह ने विधान परिषद् उप भवन सभागार में ‘अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और विकास की नई सीमा’ विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। श्री देसाई ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) की स्थापना एवं संस्थापक डॉ. विक्रम साराभाई के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को ऊंचाई तक ले जाने में डॉ. सी. वी. रमण, डॉ. सतीश धवन एवं मिसाईल मैन डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। हम दूसरे विकसित देशों से प्रतिस्पर्धा के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण भारत की भलाई के लिए यह कार्यक्रम चला रहे हैं। बिहार सरकार का बिहार मौसम सेवा केंद्र (बी.एम.एस.के.) और सैक-इसरो साथ मिलकर पिछले तीन वर्षों से विभिन्न विषयों पर काम कर रहे हैं, जिसमें आपदा प्रबंधन जैसे-बाढ़, भूकंप, वज्रपात, शीतलहर, लू, आंधी-तूफान आदि के पूर्वानुमान मुख्य हैं। पश्चिमी चंपारण और भागलपुर जिले में डॉप्लर वेदर रडार लगाया जा रहा है। छठ पूजा जैसे बड़े अवसरों पर भीड़ नियंत्रण के लिए सेटेलाइट के प्रयोग से इसका प्रबंधन किया जा सकता है। राज्य के विभिन्न शहरों की वायु गुणवत्ता का पता लगा सकते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का प्रयोग कर और निरंतर डाटा का विश्लेषण कर हम 15 दिन पहले ही साइक्लोन और आंधी-तूफान की चेतावनी दे सकते हैं।

उक्त कार्यक्रम में बिहार विधान परिषद् के माननीय उप सभापति प्रो (डॉ.) राम वचन राय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिंहा, बिहार विधान परिषद् के माननीय सदस्य गण, पदाधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे। अंत में माननीय सभापति महोदय ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए एक गीत के माध्यम से कहा कि अभी ना जाओ छोड़ कर की दिल अभी भरा नहीं….. । यह व्याख्यान बहुत हीं उपयोगी रहा। मैं चाहूंगा की श्री देसाई और उनकी टीम पुन: परिषद् को अपना बहुमूल्य समय दें।
