बिहार में गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए एआई आधारित तकनीक के उपयोग की दिशा में पहल शुरू हो गई है। बुधवार को अपर मुख्य सचिव श्री के. सेंथिल कुमार ने एसीएस कार्यालय में समीक्षा बैठक कर महाराष्ट्र के बसंतदादा पाटिल शुगर इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधियों और संबंधित विशेषज्ञों के साथ इस विषय पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में विशेषज्ञों ने बताया कि एआई आधारित नवाचारों के इस्तेमाल से गन्ना की उपज में 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव है।
यह बैठक विभाग द्वारा आयोजित गन्ना प्रौद्योगिकी सेमिनार के बाद आगे की रणनीति तय करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। बैठक में सिंचाई प्रबंधन, बीज उपचार, फसल की निगरानी और पैदावार बढ़ाने में एआई तकनीक की भूमिका पर विशेष रूप से विचार किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से गन्ना खेती को अधिक वैज्ञानिक, सटीक और लाभकारी बनाया जा सकता है।

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि एआई का उपयोग केवल उपज बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग, लागत में कमी और किसानों को समय पर तकनीकी सलाह उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी। खेत की नमी, मिट्टी और फसल की स्थिति से जुड़ी जानकारियों के विश्लेषण के आधार पर किसानों को अधिक सटीक मार्गदर्शन दिया जा सकेगा।
इसी क्रम में बसंतदादा पाटिल शुगर इंस्टीट्यूट के अनुभवों के आधार पर बिहार में एक पायलट पहल शुरू करने की संभावना पर भी विचार किया गया। बैठक बैठक के दौरान एसीएस ने कहा कि संबंधित विशेषज्ञों और संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर योजना की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि आधुनिक तकनीक के माध्यम से बिहार में गन्ना उत्पादन को अधिक सुदृढ़ और लाभकारी बनाया जा सके।
