भारतीय फिल्म उद्योग की शीर्ष संस्था फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (एफएफआई) के अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने के बाद फिल्म निर्माता अभय सिन्हा का सम्मान कल पटना के प्रतिष्ठित होटल मौर्य में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा, विधायक संजीव चौरसिया और राजू कुमार सिंह, भाजपा बिहार के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, बिहार सरकार के अधिकारी प्रणव कुमार, अमित लोढ़ा और गंगा कुमार के साथ प्रसिद्ध अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे और फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष पटना निवासी निशांत उज्जवल भी शामिल हुए। कार्यक्रम में एफएफआई के उपाध्यक्ष चुने जाने पर निशांत उज्जवल को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अभय सिन्हा को बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे बिहार के लिए गर्व और सम्मान की बात है कि अब ऑस्कर जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए भारत की फिल्मों के चयन में बिहार की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि आज बिहार के लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़कर विभिन्न क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। फिल्म उद्योग के संदर्भ में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने फिल्म निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए सब्सिडी की व्यवस्था शुरू की है, जिससे निर्माता और निर्देशक बिहार में आकर फिल्मों की शूटिंग करने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने फिल्म जगत से जुड़े लोगों से आग्रह किया कि वे बिहार की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को अपनी फिल्मों में स्थान दें।

बता दें कि फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया भारतीय फिल्म उद्योग की सर्वोच्च संस्था है, जो देशभर के प्रोड्यूसर्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स, एग्जिबिटर्स, स्टूडियो और विभिन्न फिल्म संगठनों का प्रतिनिधित्व करती है। यह संस्था न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारतीय सिनेमा के हितों की रक्षा और उसके प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विशेष रूप से अकादमी अवॉर्ड्स यानी ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि का चयन करने का अधिकार भी इसी संस्था के पास है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है।
गौरतलब है कि पहली बार किसी बिहारी को फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभय सिन्हा लंबे समय से भारतीय फिल्म उद्योग से जुड़े रहे हैं और उन्होंने विभिन्न स्तरों पर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईएमपीए) में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। उनके नेतृत्व अनुभव, संगठनात्मक क्षमता और सिनेमा के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें FFI की कमान सौंपी गई है, जिसे भारतीय सिनेमा में उनके दीर्घकालिक योगदान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
इस अवसर पर देश भर से निर्माता, निशांत उज्जवल, सुषमा शिरोमणि, जी डी मेहता, संग्राम सिरके, टीनू वर्मा, धर्मेन्द्र कुमार मेहरा, विनोद गुप्ता एवं अन्य लोग उपस्थित रहे । कार्यक्रम में मौजूद फिल्म जगत और प्रशासनिक क्षेत्र के लोगों ने कहा कि बिहार से जुड़े इन दोनों व्यक्तित्वों का शीर्ष पदों पर चयन होना राज्य के लिए गौरव का विषय है। इससे बिहार की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिलेगी और आने वाले समय में राज्य का फिल्म उद्योग भी नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
सम्मान समारोह में अभय सिन्हा ने सभी अतिथियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि बिहार की प्रतिभा और संभावनाओं का सम्मान है। उन्होंने कहा कि फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की जिम्मेदारी संभालना उनके लिए गर्व की बात है और वे पूरी निष्ठा के साथ भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर और मजबूत बनाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं हैं और यदि सरकार, फिल्म उद्योग और स्थानीय प्रतिभाएं मिलकर काम करें तो राज्य आने वाले समय में फिल्म निर्माण का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
कार्यक्रम में इप्पा से जुड़े सुषमा शिरोमणि,विनोद गुप्ता,युशुफ खान,अतुल पटेल,फ़िल्म निर्माता सी बी रमन,चेतना झाम्ब,विनोद अनुपम उपस्थित थे.
