कार्यस्थल पर लैंगिक समानता और गरिमा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में दिनांक 26 मार्च 2026 को “POSH अधिनियम, 2013 (कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम)” विषय पर संवेदीकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विधिक प्रावधानों, व्यावसायिक नैतिकता तथा सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने की सामूहिक जिम्मेदारी के प्रति संवेदनशील बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान की आंतरिक समिति के तत्वावधान में किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती सुमन सिंह, सचिव, सखी एनजीओ, बिहार ने अपने संबोधन में लैंगिक संवेदनशीलता, महिलाओं के अधिकारों तथा सुरक्षित एवं समावेशी कार्यस्थल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण एवं न्याय सुनिश्चित करने में जागरूकता और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र की भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कार्यस्थल पर सभी के साथ समानता और सम्मानजनक व्यवहार से पेश आना बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्पीड़न रोकने के लिए सभी को जागरूक रहना चाहिए और संस्थान को अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभानी चाहिए। डॉ. आशुतोष उपाध्याय, प्रमुख, भूमि एवं जल प्रबंधन प्रभाग ने व्यावसायिक परिवेश में संवाद की सीमाओं को समझने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सम्मानजनक एवं प्रभावी संचार सुनिश्चित करने के लिए उचित सीमाओं एवं संवेदनशीलता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का समन्वयन आंतरिक समिति की अध्यक्ष एवं प्रीसाइडिंग ऑफिसर डॉ. शिवानी द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा POSH अधिनियम, 2013 के प्रावधानों की समझ और कार्यस्थल की नैतिकता बनाए रखने में कर्मचारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया था।
कार्यक्रम के दौरान POSH अधिनियम के प्रावधानों, शिकायत निवारण प्रक्रिया तथा शिकायत दर्ज करने हेतु SHE-BOX पोर्टल के उपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। सत्रों में कार्यस्थल से जुड़े अधिकारों, कर्तव्यों एवं निवारक उपायों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर, कृषि विज्ञान केन्द्र, रामगढ़ तथा कृषि प्रणाली कापहाड़ी एवं पठारी अनुसंधान केंद्र, राँची के कर्मचारियों ने भी ऑनलाइन रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का समापन डॉ. आरती कुमारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
