बिहार जद (यू0) के मा0 प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने रविवार को बयान जारी करते हुए कहा कि एनडीए सरकार द्वारा मनरेगा योजना के तहत 9 अरब 90 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब मजदूर परिवारों को सीधा आर्थिक संबल प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। यह निर्णय सरकार की गरीब कल्याण नीति का स्पष्ट प्रमाण है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस बड़े वित्तीय आवंटन का सीधा लाभ लाखों श्रमिक परिवारों को मिलेगा और उनकी मजदूरी की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
श्री कुशवाहा ने कहा कि एनडीए सरकार का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है, ताकि उसे अपनी आजीविका के लिए किसी और पर निर्भर न रहना पड़े। यह राशि गरीब परिवारों के लिए निरंतर आर्थिक सुरक्षा और सहारा सुनिश्चित करेगी।
प्रदेश अध्यक्ष ने जोर देते हुए कहा कि ‘‘हर हाथ को काम और काम का समय पर दाम’’ देना एनडीए सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस वित्तीय आवंटन से गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और मजदूरों को अपने ही गांव में सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध होगा, जिससे पलायन पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
उन्होंने कहा कि यह 9 अरब 90 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन ग्रामीण गरीबों के जीवन में खुशहाली लाने, उनकी आजीविका को सुरक्षित करने और ग्रामीण विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे गांवों में चल रही विकास परियोजनाओं को भी दोगुनी गति मिलेगी।
साथ ही उन्होंने कहा कि जीविकोपार्जन के लिए अधिक से अधिक इच्छुक लोगों के जाॅब कार्ड बनाए जाने की दिशा में ग्रामीण विकास विभाग निरंतर कार्य कर रहा है, ताकि जरूरतमंद परिवारों को मनरेगा के तहत रोजगार के अवसर समय पर उपलब्ध हो सकें और उनकी आजीविका को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
