मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 1512 करोड़ रुपये की लागत से 2.5 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्रों के अधिष्ठापन (स्थापना) कार्य का रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण कर शुभारंभ किया। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ, सस्ती एवं सतत् ऊर्जा उपलब्ध कराना तथा नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में ऊर्जा लेखांकन स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग परियोजना के आधार पर फीडर, ट्रांसफार्मर एवं उपभोक्ता स्तर तक ऊर्जा अकाउंटिंग प्रक्रिया का रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण कर शुभारंभ किया, इससे विद्युत आपूर्ति प्रभावी एवं पारदर्शी होगा।
इस अवसर पर नेहरू पथ स्थित विद्युत भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 1278 करोड रूपये की लागत से ऊर्जा प्रक्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण कर कार्यारंभ, उद्घाटन एवं लोकार्पण भी किया। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से राज्य की विद्युत अवसंरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाने, विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शामिल होने से पूर्व विद्युत भवन के चतुर्थ स्थल पर स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (राज्य भार प्रेषण केंद्र, पटना) का मुआयना किया। मुआयना के क्रम में अधिकारियों ने स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर में लगे डिस्प्ले पर पूरे बिहार में हो रहे रियल टाइम विद्युत कंजप्शन के संबंध में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार विद्युत मानचित्र का भी अवलोकन किया। विद्युत भवन के चतुर्थ तल से सीढ़ी द्वारा भूतल पर लौटने के क्रम में वहां पदस्थापित अधिकारियों एवं कर्मियों ने ताली बजाकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुंगेर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर एवं नालंदा जिले से जुड़कर पीएम सूर्य घर बिजली योजना के लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री के साथ संवाद किया। संवाद के दौरान लाभार्थियों ने बताया कि उनके घर के छत पर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगने से काफी फायदा होगा अब उन्हें बिजली बिल से मुक्ति मिलेगी इससे पैसे की जो बचत होगी इसका इस्तेमाल बच्चों के पढ़ाई में होगा। सोलर पैनल लगने से अब हमारे घर में बिजली की निर्बाध आपूर्ति होगी। मुख्यमंत्री जी की कृपा से आज यह काम सफल हुआ है। मुख्यमंत्री जी गरीबों के शुभचिंतक हैं, इसके लिये लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आप सभी को बधाई देता हूं आज का दिन गरीबों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। आज पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत ढाई लाख लोगों के घरों पर सोलर पैनल लगाने की शुरुआत हुई है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी भारत को विकसित बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री बने तब उन्होंने देश के प्रत्येक गांव में बिजली पहुंचाने का संकल्प लिया, तब उस समय के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने बिहार के घर-घर बिजली पहुंचाने का संकल्प लिया। वर्ष 2018 में बिहार के हर एक परिवार तक बिजली का कनेक्शन पहुंचाया गया, इसके लिये मुझे काफी खुशी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 तक बिहार में बिजली का कनेक्शन मात्र 17 लाख था वह बढ़कर 2 करोड़ 22 लाख हो गया है बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली घरेलू उपभोक्ताओं को दी जा रही है इसकी परिकल्पना पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी द्वारा शुरू किए गए महिला संवाद कार्यक्रम से हुआ। उन्होंने कहा कि बिहार देश में सबसे सस्ता और सबसे ज्यादा सब्सिडी देनेवाला राज्य है। उत्तर प्रदेश बिहार से क्षेत्रफल में बड़ा है और आबादी में लगभग दो गुना है जबकि वहां बिजली उपभोक्ताओं को सरकार 6000 करोड़ रूपये मात्र सब्सिडी दे रही है, जबकि बिहार में हमलोग बिजली उपभोक्ताओं को 23000 करोड़ रूपये सब्सिडी दे रहे हैं। बिहार का बजट 3,47,000 करोड़ रूपये है जिसमें हमारा संसाधन 60 से 70 हजार करोड़ रूपये है। ऐसी स्थिति में 23,000 करोड़ रूपये बिजली अनुदान के रूप में खर्च किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का मूल मंत्र गरीबों को सस्ती सुलभ एवं निर्बाध बिजली की आपूर्ति उपलब्ध कराना है। पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने बिहार को सोलर युक्त करने का निर्णय लिया जिस दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिन उपभोक्ताओं के घर के छत पर लगे सोलर पैनल से 125 यूनिट से ज्यादा बिजली का उत्पादन होगा उनसे राज्य सरकार बिजली खरीदकर उन्हें आर्थिक रूप से सबल बनायेगी। ऊर्जा विभाग को ऐसी ऑटोमेटिक व्यवस्था खड़ी करनी चाहिए ताकि जरूरत से ज्यादा बिजली का उत्पादन होने पर उसे लिया जा सके और उसके एवज में उपभोक्ता के खाते में राशि स्वतः चली जाए। बिजली की बचत के प्रति भी हमें सजग रहने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 तक जिस बिहार में मात्र 400 से 500 मेगावाट तक बिजली की आपूर्ति हुआ करती थी, अब यहां 9000 मेगावाट बिजली की खपत हो रही है जो 13 गुना से अधिक है। वर्ष 2005 से पहले अधिकांश पावर प्लांट बंद हो चुके थे। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने इस दिशा में पहल कर कई पावर प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू कराया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल 20 नवंबर 2026 को पूरा होने तक ढाई लाख परिवारों के घरों के छत पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य पूर्ण करें। अगले 31 मार्च तक भारत सरकार ने 4,82,000 घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। ऐसी व्यवस्था खड़ी करें कि सरकार के 2 वर्ष का कार्यकाल 20 नवंबर 2027 को पूरा होने तक बिहार के 25 लाख परिवारों के घरों तक मुफ्त बिजली का लाभ उपलब्ध कराया जा सके। बिहार में नए-नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं आई०टी०, डाटा, सेमीकंडक्टर के सेक्टर में भी काफी काम हो रहा है। बिजली की खपत बढ़ेगी जिसको ध्यान में रखते हुए हमें पूरी संरचना को मजबूत करना होगा। बिजली की निर्बाध आपूर्ति ही बिहार के विकास को रफ्तार देगी। बिहार ने 2 सेक्टर में काफी अच्छा काम किया है, एक बिजली की आपूर्ति में और दूसरी बेहतर ग्रामीण सड़कों के निर्माण में। बिहार में 85 प्रतिशत लोग गांव में रहते हैं। बिहार के विभिन्न हिस्सों में 12 टाउनशिप भी विकसित किया जा रहा है। अगले मार्च तक इसे जमीन पर उतारने का काम शुरू हो जाएगा। जब हम विधायक थे उस समय अक्सर यह देखने को मिलता था कि ट्रक पर लादकर ट्रांसफार्मर पटना आता था। अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी ट्रांसफार्मर के खराब होने पर 24 से 48 घंटे के अंदर उसे बदल दिया जाता है। यह बदलता हुआ बिहार है। बिहार में कृषि कार्य हेतु किसानो को अत्यंत मामूली दर पर बिजली की आपूर्ति की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने से पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी तथा हरित विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति में भी सहायता मिलेगी। राज्य सरकार ऊर्जा क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा आधारभूत संरचनाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सभी विकास योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित कराएं। जब तक जी०एस०टी० लागू नहीं हुआ था तो चुनिंदा लोग ही देश को चलाते थे। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जब सभी लोगों के घरों के छत पर सोलर पैनल लग जायेगा तो न सिर्फ लोगों के घरों में मुफ्त निर्बाध बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित होगी बल्कि बिहार की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग से जुड़े लोग काफी अच्छा काम कर रहे हैं। मैं आप सभी को धन्यवाद देता हूं। इस विभाग में कम समय में न सिर्फ नियुक्ति की गयी बल्कि प्रमोशन भी दिया गया है। आप सभी इसी प्रकार से काम करते रहिये, आपकी मेहनत की बदौलत बिहार के ऊर्जा विभाग को देश में सर्वोच्च स्थान पर पहुंचाना है।
कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री श्री विजेंद्र प्रसाद यादव, ऊर्जा मंत्री श्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल एवं ऊर्जा विभाग के सचिव श्री अजय यादव ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री राहुल कुमार उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों से मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारीगण एवं लाभार्थीगण जुड़े थे।
