80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर युग संस्कृति न्यास द्वारा एक विशेष गेट-टु-गेदर का आयोजन किया गया, जिसमें ब्यूरोक्रेसी, पुलिस, सेना, नौसेना, उद्योग जगत, सामाजिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध लोगों ने एक मंच पर एकत्र होकर भारत के भविष्य, विकास और राष्ट्र निर्माण पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अमेरिका से पधारे श्री हर्ष कुमार, US-India House रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता J.K. Jain, Chairman, Just Solve ने की।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस को केवल उत्सव के रूप में मनाने के बजाय इसे “विचार, संवाद, सहयोग और राष्ट्र निर्माण” की भावना से जोड़ना रहा। इस दौरान भारत के विकास, नवाचार, सामाजिक परिवर्तन, युवाओं की भागीदारी और विभिन्न क्षेत्रों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा हुई।

युग संस्कृति न्यास के संस्थापक आचार्य धर्मवीर ने कहा, “स्वतंत्रता के 80 वर्ष हमारे लिए केवल गौरव का अवसर नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और भविष्य की दिशा तय करने का भी समय है। भारत की शक्ति उसके लोगों, युवाओं, ज्ञान, संस्कृति और सामूहिक क्षमता में है। आज आवश्यकता है कि प्रशासन, सेना, पुलिस, उद्योग, समाज, आध्यात्मिक संस्थाएं और युवा शक्ति मिलकर राष्ट्र निर्माण के लिए साझा प्रयास करें। विचारों का संवाद और सकारात्मक सहयोग ही विकसित एवं सशक्त भारत की मजबूत नींव तैयार कर सकता है।”

कार्यक्रम में वाई.के. गुप्ता, चेयरमैन, शारदा ग्रुप; अजय चौधरी, स्पेशल सीपी, दिल्ली पुलिस; अमल गर्ग, चीफ प्रिंसिपल कमिश्नर, इनकम टैक्स; संजय त्यागी, ज्वाइंट सीपी, दिल्ली पुलिस; डॉ. शांतनु कुमार अग्रहरि, IAS; IAS सुब्रत सक्सेना; अंकित अग्रवाल; सुशी कुमार, IFS; IRS राजेश महाजन; तथा रवीनेश कुमार, Indian Civil Services सहित अनेक गणमान्य लोगों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में भारतीय सेना एवं नौसेना से जुड़े अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा, सेवा, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण के भाव को विशेष रूप से मजबूत किया।
सामाजिक एवं जनसेवा क्षेत्र से अर्चना त्रिवेदी, सोशल वर्कर; पुनीत शर्मा, जोन चेयरमैन, MCD; अंकित गर्ग; बिपिन बंसल; तथा लक्ष्मी तारू फाउंडेशन से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने अपने अनुभव और विचार साझा करते हुए कहा कि भारत को विकसित, सशक्त और नवाचारी राष्ट्र बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग आवश्यक है। प्रशासनिक अनुभव, सेना एवं पुलिस की प्रतिबद्धता, उद्योग की क्षमता, सामाजिक संगठनों की सक्रियता, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों तथा युवाओं की ऊर्जा को एक साथ जोड़कर राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को नई दिशा दी जा सकती है।

चर्चा के दौरान क्रिटिकल थिंकिंग, नवाचार, युवा नेतृत्व और सहयोगात्मक प्रयासों को विशेष महत्व दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा और रचनात्मक सोच को सही अवसरों से जोड़कर रोजगार, उद्यमिता, नवाचार और सामाजिक विकास के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
अतिथियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे अनुभवी और प्रभावशाली लोगों को एक साझा मंच पर लाकर उनके विचारों, अनुभवों और संसाधनों का सकारात्मक उपयोग किया जाना चाहिए। इससे समाज और राष्ट्र के सामने मौजूद चुनौतियों के समाधान के लिए नए और प्रभावी रास्ते तैयार किए जा सकते हैं।

आचार्य धर्मवीर ने कहा, “आज का भारत केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी, सांस्कृतिक मूल्यों, नवाचार और मानवीय संवेदनाओं के संतुलन के साथ आगे बढ़ना चाहता है। स्वतंत्रता दिवस हमें अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की भी याद दिलाता है।”
युग संस्कृति न्यास की ओर से कहा गया कि स्वतंत्रता की भावना को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए संवाद, सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना आवश्यक है। ऐसे मंच समाज के विभिन्न वर्गों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और मिलकर नए प्रयास करने का अवसर प्रदान करते हैं।
आयोजकों के अनुसार, 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित यह विशेष गेट-टु-गेदर विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को जोड़ने और भारत के भविष्य को लेकर सामूहिक चिंतन की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता, नवाचार, राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
