80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिहार विधान सभा के विस्तारित भवन स्थित सभागार में देशभक्ति समूह गान प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) श्री सय्यद अता हसनैन, बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और माननीय उपाध्यक्ष श्री नरेंद्र नारायण यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

अपने स्वागत संबोधन में बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ.प्रेम कुमार ने सभी को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव और भावनाओं से भरा हुआ है। स्वतंत्रता दिवस के इस गौरवपूर्ण अवसर पर पहली बार सभा सचिवालय की महिला पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच देशभक्ति गीत गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है।
बिहार विधान सभा सचिवालय की यह पहल हमारी महिला शक्ति की प्रतिभा और रचनात्मक क्षमता को मंच प्रदान करने का एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने देशभक्ति गीत गायन प्रतियोगिता की सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रस्तुति दें। मंच पर आते समय यह भावना रखें कि आप केवल प्रतियोगिता में भाग नहीं ले रही हैं, बल्कि अपने गीत के माध्यम से भारत माता के प्रति अपनी श्रद्धा और राष्ट्र के प्रति अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त कर रही हैं। उन्होंने आह्वान किया कि इस स्वतंत्रता दिवस पर हम सभी संकल्प लें कि हम अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से पालन करेंगे, संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों को मजबूत करेंगे तथा एक सशक्त, समृद्ध, विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) श्री सय्यद अता हसनैन ने कहा कि देशभक्ति को सम्मान देने के तौर-तरीके अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन गीत, नृत्य और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्रीय भावना को जागृत किया जा सकता है। उन्होंने सेना के ड्रम और ब्रास बैंड के संगीत का जिक्र करते हुए कहा कि यह रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव होता है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हमारी सेना द्वारा ऊंचे शिखरों और नियंत्रण रेखा पर तिरंगा फहराकर राष्ट्रभक्ति को उजागर करने की अद्भुत परंपरा है। उन्होंने कहा, “जब सीमा पर तिरंगा शान से लहराता है तो दुश्मनों की रूह कांप उठती है, हमारे तिरंगे जैसा कोई दूसरा झंडा नहीं है।”

अपने कार्यकाल के संस्मरणों को साझा करते हुए उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन, स्वतंत्रता के बाद के कालखंड और वर्तमान समय में राष्ट्रसेवा में बिहार की महत्वपूर्ण भूमिका व बलिदानियों को याद किया। उन्होंने गलवान घाटी में बिहार के जवानों के सर्वोच्च बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि इसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

माननीय राज्यपाल ने वर्ष 1963 और 1964 की देशभक्ति फिल्मों ‘शहीद’ व ‘हकीकत’ तथा ‘मिस्टर भारत कुमार’ के नाम से प्रख्यात अभिनेता मनोज कुमार का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से ऐसी फिल्में देखने और नई पीढ़ी को देशभक्ति की कहानियों से अवगत कराने की प्रेरणा दी। ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर आस-पड़ोस की सफाई जैसे सामाजिक कार्य कर अपना राष्ट्रधर्म निभाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना ‘टीबी मुक्त बिहार’ से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने इस अनूठे आयोजन के लिए माननीय विधान सभा अध्यक्ष की भूरी–भूरी प्रशंसा की ।

कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति समूह गान प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी ओजपूर्ण प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। प्रतियोगिता के दौरान तीनों समूहों (ग्रुप – ए, बी और सी) ने एक से बढ़कर एक देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी, जिसने पूरे सभागार को राष्ट्रप्रेम के रंग में सराबोर कर दिया। कर्मियों की सामूहिक गायकी में एक तरफ जहाँ संघर्ष की गाथाएँ थीं, तो वहीं दूसरी तरफ देश के प्रति अटूट प्रेम और उत्साह स्पष्ट रूप से झलकता था। इसके साथ ही, ‘जस्ट डांस ग्रुप, गयाजी’ की विशेष नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
देशभक्ति समूह गान प्रतियोगिता के लिए विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार वितरण किया गया,जिसमें क्रमशः ग्रुप- बी प्रथम (गोल्ड मेडल),ग्रुप – ए द्वितीय (सिल्वर मेडल) और ग्रुप – सी (ब्रांज मेडल) के विजेताओं को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। साथ ही, प्रशिक्षण के दौरान 16 प्रतिभागियों में से शत–प्रतिशत उपस्थिति के लिए चार प्रतिभागियों को और अन्य कैटेगरी के तहत प्रत्येक ग्रुप से दो – दो लीड सिंगर को भी पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा निर्णायक मंडल के क्रमशः डॉ. नीतू कुमारी नूतन, पंडित अभिषेक मिश्रा एवं श्रीमती सोमा दास, प्रतियोगिता के लिए दो प्रशिक्षक (मेंटर्स) श्री कमलेश एवं सुश्री सिमरन श्रुति सहित आयोजन से जुड़े अन्य सहभागियों को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर महानुभावों, प्रतिभागियों एवं आयोजन के सहभागियों को अंगवस्त्र, नवपौध एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। आयोजन के दौरान बिहार विधान सभा के माननीय उपाध्यक्ष श्री नरेंद्र नारायण यादव, विधान सभा की सचिव श्रीमती पूनम सिन्हा सहित सभा सचिवालय के पदाधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
