राष्ट्रीय जनता दल के राज्य कार्यालय के कर्पूरी सभागार में पर्वत पुरूष दषरथ मांझी जी की 19वीं पुण्यतिथि हजारों लोगो की उपस्थिति में मनायी गयी। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के श्री दीपक कुमार मांझी ने की, जबकि संचालन मंटू मांझी ने की।
इस अवसर पर राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दषरथ मांझी को हम सभी नमन करते हैं और उनके प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं। जो काम किसी ने नहीं किया वो काम दषरथ मांझी जी ने करके दिखा दिया और समाज के लिए मिषाल कायम की। आज जो भी लोग और पार्टी उनके नाम पर राजनीति करते हैं लेकिन उन्होने उस समाज के भलाई के लिए कोई काम नहीं किया। भाजपा, जदयू और एनडीए के नेता अपने कर्तव्यों को भूल जाते हैं। दषरथ मांझी का योगदान समाज के लिए बहुत बड़ा रहा है। इन्होंने पहाड़ को काटकर रास्ता बनाकर यह दिखा दिया कि अगर करने का संकल्प हो तो उसे कोई रोक नहीं सकता है। इन्होंने कहा था कि ‘‘जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं’’ और उस संकल्प को पुरा किया।

इन्होंने आगे कहा कि लालू प्रसाद जी ने गरीब, वंचित, दलित और महादलित समाज को आगे बढ़ने की पे्ररणा दी और उन्हें अपने हाथों से मुख्यमंत्री रहते हुए नहलाने, साफ-सुथरा रहने और समाज में मान-सम्मान से जीने की पे्ररणा दी। लालू जी के कार्यकाल में दलित समाज के लिए पटना में अपार्टमेंट बनाने के साथ हर गांव और शहर में पक्का मकान देने का काम किया। लालू जी ने हमेषा कहा है कि समाज में पढ़ाई, लिखाई आवष्यक है और इसके लिए सरकार में बैठे हुए लोगों को इस समाज के प्रति भेदभाव की नीति समाप्त करनी होगी। आज सत्ता के माध्यम से गरीब और दलित के साथ भेदभाव की नीति अपनाई जा रही है।
तेजस्वी ने आगे कहा कि लालू जी और राजद की ओर से दलित और गरीब को बसाने का काम किया जाता था, जबकि आज भाजपा और एनडीए की सरकार उजाड़ने का काम कर रही है। बिहार में गरीबों के साथ अन्याय करने वाली सरकार है। और गरीबों के लिए शुद्ध पानी, भोजन जैसी आवष्यक चीजें भी सरकार की ओर से उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। जहा गरीबों के लिए दवाई, कमाई और उनके भलाई के कार्य होने चाहिए वहां पर अन्याय हो रहा है। ऐसी अन्यायी सरकार को छोड़ने की नहीं बल्कि तोड़ने की आवष्यकता है, क्योकि दषरथ मांझी जी का संकल्प था कि जब तक तोड़ेगें नही तब तक छोड़ेंगें नहीं। इन्होने कहा कि जहां भी गरीबों और मुषहर समाज के लोगो के घरों पर बुलडोजर चलेगा वहां तेजस्वी उनके साथ खड़ा रहेगा। सरकार की नीति पहले बसाने की होनी चाहिए फिर तोड़ने की। इन्होने दषरथ मांझी जी की आदमकद प्रतिमा पटना के किसी चैराहे पर लगाये जाने की मांग की और दषरथ मांझी जी के नाम पर आश्रम बनाने की मांग की। साथ हीं भारत सरकार से दषरथ मांझी जी के योगदान के लिए उन्हें भारत रत्न दिए जाने की भी मांग की।
प्रदेष राजद अध्यक्ष, श्री मंगनी लाल मंडल ने कहा कि दषरथ मांझी जी के संकल्पों और कार्यो को सरजमींन पर उतारने की आवष्यकता है, क्योंकि दषरथ मांझी जी का संकल्प रहा है कि चाहे कितना भी ऊचां पर्वत क्यांे ना हो उसको तोड़ने के लिए संकल्प चाहिए और उसको पुरा करने की ईच्छा शक्ति होनी चाहिए।
एजाज अहमद ने बताया की कार्यक्रम शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने उपस्थित पार्टी नेताओं जिनमे प्रदेष अध्यक्ष श्री मंगनी लाल मंडल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री उदय नारायण चैधरी, पूर्व मंत्री श्री षिवचन्द्र राम, श्री आलोक कुमार मेहता, श्री कुमार सर्वजीत, श्री समीर कुमार महासेठ, श्री रणविजय साहू, श्री गौतम कृष्ण, श्री शक्ति सिंह यादव, श्रीमती समता देवी, एजाज अहमद, सारीका पासवान, श्री निर्भय अम्बेडकर, श्री नन्दू यादव, श्री जेम्स यादव, श्री दीपक मांझी, श्री मंटु मांझी, श्री सदन मोहन मांझी, श्री लालू मांझी, श्री राम लगन भूईया, श्री दिलखुष मांझी, श्री चन्देष्वर प्रसाद सिंह सहित उपस्थित नेताओं ने दषरथ मांझी जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों और सकल्पों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
