पटना जिला में डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं फार्मर रजिस्ट्रेशन का कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी श्री कुन्दन कुमार ने इस कार्य की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग के संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को कार्य में और तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर इसे पूर्ण करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं फार्मर रजिस्ट्रेशन किसानों के हित में अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। इसके माध्यम से किसानों का अद्यतन एवं प्रमाणिक डाटाबेस तैयार होगा, जिससे उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कृषि संबंधी सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में काफी सहूलियत होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्रेशन के कार्य में राजस्व कर्मचारी, राजस्व अधिकारी एवं अंचल अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र किसान फार्मर रजिस्ट्रेशन से वंचित न रहे। साथ ही, किसानों को रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने कहा कि सभी किसानों का फार्मर रजिस्ट्रेशन पूर्ण होने तथा फसलों का डिजिटल सर्वे होने से किसानों तक सरकार की योजनाओं और सुविधाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं सुगम तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी। कृषि संबंधी योजनाओं का लाभ, सरकारी सहायता एवं अन्य सुविधाएं पात्र किसानों तक समय पर पहुंच सकेंगी। इससे किसानों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी तथा उन्हें सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।
किसानों के राजस्व रिकार्ड की विसंगति को ठीक करने पर भी अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं राजस्व कर्मचारी दें विशेष ध्यान
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि यदि किसी किसान के खेत, भूमि अथवा नाम से संबंधित राजस्व अभिलेखों में किसी प्रकार की त्रुटि, विसंगति या रिकॉर्ड संबंधी समस्या है, तो संबंधित राजस्व पदाधिकारी एवं कर्मी उसका नियमानुसार शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें। किसानों की वास्तविक समस्याओं की पहचान कर उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि रिकॉर्ड संबंधी कठिनाइयों के कारण किसी पात्र किसान को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न होना पड़े।
उन्होंने कृषि एवं राजस्व विभाग के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं फार्मर रजिस्ट्रेशन के कार्य की नियमित रूप से निगरानी की जाए तथा क्षेत्र स्तर पर कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित यह पहल कृषि क्षेत्र को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों की सुविधा एवं कल्याण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं फार्मर रजिस्ट्रेशन के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक सुगमता और पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा उन्हें समृद्ध, सशक्त एवं खुशहाल बनाने के सरकार के संकल्प को और गति मिलेगी।
उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पूरी गंभीरता, तत्परता एवं समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा में डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं फार्मर रजिस्ट्रेशन का कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।
