राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने 01 पोलो रोड, स्थित अपने आवास पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कल 19 अगस्त, 2026 को राजभवन (लोकभवन) मार्च कर रहे हैं। इसमें सभी छात्र, युवा और सभी लोगों से राजभवन (लोकभवन) मार्च में भाग लेने की अपील की है।
इन्होंने कहा कि शासन और सत्ता में बैठे हुए लोगों से जवाब मांगा जा रहा है कि छात्र आन्दोलन पर एक के-47 से गोली चलाने का आदेश किसने दिया, लेकिन अब तक सरकार से जवाब नहीं मिला है। पेपर लीक मामले पर पूरे राज्यभर में आन्दोलन हुआ, जिसमें लाठियां बरसाई गई, आंसू गैस के गोले छोड़े गये और गोलियां चलायी गई। छात्रों पर ए के -47 का इस्तेमाल किया गया, जिसमें सीवान के तीन लोगों को गोलियां लगी। पटना के मेदांता अस्पताल में इनलोगों का ईलाज चला, लेकिन मुख्यमंत्री इनलोगों से मिलने तक नहीं गये। बिहार में संवेदनहीन और नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली सरकार सत्ता में है। कई बार मैं ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखा लेकिन उसका जवाब नहीं मिला। बिना मुख्यमंत्री के अनुमति के गोलियां नहीं चलायी गई। सीवान और जहानाबाद में गोलियां चलायी गई और ए के.47 का इस्तेमाल किया गया। छात्रों पर गोलाबारी करने वाले सिपाही के पास ए के-47 कैसे आई। और किस यूनिट और शस्त्रागार से जारी की गई। हथियार जारी करने का आदेश किसने दिए और आधुनिक हथियार के आवंटन की पूरी कमांड चैन की भूमिका सामने आनी चाहिए। आरोपी सिपाही किस यूनिट में तैनात था क्या हुआ नियमित जिला पुलिस का हिस्सा था क्या वह एसपी की सुरक्षा में तैनात था या एसटीएफ या एसआईटी जैसी विशेष इकाई से संबद्ध था। क्या इससे पहले छात्र प्रदर्शन में
ए के-47 का इस्तेमाल हुआ था। भीड़ नियंत्रण की अनुमति किसने दी थी। फायरिंग का आदेश किसने दिया। जिले के आरक्षी अधीक्षक पर अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्हें निलंबित क्यों नहीं किया गया, सिर्फ सिपाही को बली का बकरा बनाया गया है। कारतूसों का हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए। गिर विभाग की भूमिका और जिम्मेदारी क्या है यह स्पष्ट करना चाहिए हथियारों की तैनाती और कानून व्यवस्था की इस पूरी व्यवस्था की निगरानी कैसे होती है यह स्पष्ट करना चाहिए।
इन्होंने कहा कि सबसे अफसोस की बात है कि भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री किरण रिजूजू ने पार्लियामेंट को भी गुमराह किया और कहा कि गोलियां नहीं चलायी गई है। जबकि, बिहार सरकार ने अपने शपथ पत्र में माना है कि गोलियां चली है। किस तरह से केंद्र और राज्य सरकार मिलकर छात्रों के मामले पर राजनीति कर रही है और लोगों को गुमराह कर रही है, यह स्पष्ट रूप से सामने आ गया।
इन्होंने कहा कि बिहार बेरोजगारी का केंद्र बन गया है और पेपर लीक की राजधानी है। ऐसा कोई भी परीक्षा नहीं है, जिसमें पेपरलीक नहीं हुआ हो। 21 वर्षों से एनडीए की सरकार है लेकिन बिहार में बेरोजगारी, पलायन, पेपरलीक के मामले नम्बर वन पर है। इन्होंने भाजपा नेताओं से पूछा है कि नया बिहार बनाने की बात करते थे। क्या नया बिहार में शिक्षा, चिकित्सा, बिहार का विकास का फिसड्डीपन होना, इसी को नया बिहार माना जाए। बिहार में सृजन घोटाला, डस्टबीन घोटाला, इस्टीमीट घोटाला और भ्रष्टाचार को सरकार के संरक्षण में लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्पष्ट होता है कि सरकार आंख मंूदे हुए है। सरकार अपनी गलतियों से नहीं सीखा है और लगातार लोगों के हितों का नुकसान हो रहा है। बिहार में अच्छी शिक्षा, कदाचार मुक्त परीक्षा और भ्रष्टाचार मुक्त विकास सपना लगने लगा है। बिहार में भर्ती में भी भेदभाव होता है। लोकतांत्रिक तरीके से अधिकार मांगने वाले छात्रों पर ए के-47 चलाया जाता है। बिहार में छात्रों और आम जनों पर जुल्म करने वाली सरकार है।
बिहार में सरकार वीक है इसीलिए पेपर लीक होते हैं। परीक्षा प्रणाली में सुधार कहीं नहीं दिखता है। मुख्यमंत्री गोली कांड पर चुप क्यों हैं? न्यायिक जांच का आदेश क्यों नहीं दे रहे हैं? और सीवान के एसपी का तबादला से कुछ नहीं होगा उनका निलंबन क्यों नहीं किया गया?
इन्होंने कहा कि कल के आन्दोलन को दबाने के लिए सरकार छात्र नेताओं की गिरफ्तारी करवा रही है और आन्दोलन को दबाने के लिए अनुचित तरीका अपनाया जा रहा है। कल के राजभवन (लोकभवन) मार्च में सभी से शामिल होने की अपील की ।
संवाददाता सम्मेलन के बाद तेजस्वी प्रसाद यादव जी ने की आर ई 4 अभ्यार्थियों के आन्दोलन में शामिल नेताओं और छात्रों से मिलने के लिए गर्दनीबाग स्थित, धरना स्थल पर पार्टी नेताओं के साथ पहुंचे। और कहा कि अविलंब सरकार इनकी जायज मांगों को पूरा करे।
इस अवसर पर संवाददाता सम्मेलन में राजद के प्रदेश अध्यक्ष श्री मंगनी लाल मंडल, सांसद श्री संजय यादव, पूर्व मंत्री श्री आलोक कुमार मेहता, श्री कुमार सर्वजीत, विधान पार्षद डॉ0 सुनील कुमार सिंह, श्री सोनू कुमार राय, शक्ति सिंह यादव, एजाज अहमद, चितरंजन गगन, डॉ0 अनवर आलम, विनय कुमार यादव,
महताब आलम सहित अन्य गणमान्य नेतागण उपस्थित थे।
