टी.पी.एस. कॉलेज, पटना के प्राचार्य प्रो. तपन कुमार शांडिल्य ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि “वर्तमान समय में वैज्ञानिक अनुसंधान को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए आधुनिक तकनीकों का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। माइक्रोस्कोपिक फोटोग्राफी जैसी कार्यशालाएँ विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को न केवल प्रयोगात्मक दक्षता प्रदान करती हैं, बल्कि उन्हें उच्च गुणवत्ता के वैज्ञानिक आंकड़ों के संकलन, विश्लेषण एवं प्रस्तुतीकरण में भी सक्षम बनाती हैं।” उन्होंने यह बातें वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के सहयोग से “सूक्ष्मदर्शी छायांकन” विषय पर आयोजित एकदिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर कही।
इस कार्यशाला में विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए विज्ञान संकाय के शोधार्थियों, स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों तथा शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को अत्यंत प्रभावी एवं ज्ञानवर्धक बना दिया।

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा सूक्ष्मदर्शी छायांकन की आधुनिक तकनीकों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रतिभागियों को सूक्ष्मदर्शी के साथ स्मार्टफोन एवं डीएसएलआर कैमरों के समन्वय की विधि, मैक्रो लेंस के उपयोग द्वारा उच्च आवर्धन फोटोग्राफी, तथा विभिन्न प्रकाश तकनीकों—ब्राइट फील्ड, डार्क फील्ड एवं ऑब्लिक लाइटिंग—का व्यावहारिक अनुप्रयोग सिखाया गया।
कार्यशाला की अधिगम उपलब्धियों (लर्निंग आउटकम्स) के अनुरूप प्रतिभागियों को सूक्ष्म नमूनों की स्पष्ट एवं उच्च गुणवत्ता की छवियाँ तैयार करने, फोकस स्टैकिंग तकनीक के माध्यम से बहु-स्तरीय चित्रों को संयोजित करने, तथा इमेज जे एवं कंबाइन जेडपी जैसे मुक्त सॉफ्टवेयर का उपयोग कर वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप स्केल बार एवं प्रकाशन-योग्य माइक्रोग्राफ तैयार करने का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रकार यह कार्यशाला शोध कार्यों में उपयोगी व्यावहारिक कौशल विकसित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हुई।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों का मूल्यांकन प्रायोगिक परीक्षा (लाइव इमेजिंग) एवं पोर्टफोलियो (लेबलयुक्त सूक्ष्म छवियाँ) के आधार पर किया गया, जिससे उनके अर्जित कौशल का समुचित आकलन सुनिश्चित किया जा सका। सफल प्रतिभागियों को टी.पी.एस. कॉलेज, पटना द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
वनस्पति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. विनय भूषण कुमार ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम शोधार्थियों को नवीनतम तकनीकों से जोड़ने में सहायक होते हैं। साथ ही, उन्होंने आयोजन सचिव के रूप में कार्य करते हुए कार्यक्रम के सफल संचालन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम की सफलता में तकनीकी सहयोग टीम का विशेष योगदान रहा, जिसमें अरविंद कुमार, डॉ. अभिनव चौहान, वर्षा एवं तमन्ना ने सूक्ष्मदर्शी सेटअप, इमेजिंग प्रक्रिया तथा उपकरणों के संचालन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम का समापन डॉ. रवि प्रभाकर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
