बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ, पटना के तत्वावधान में मनेर प्रखंड मत्स्यजीवी सहयोग समिति परिसर में कॉमन सर्विस सेंटर का भव्य उद्घाटन समारोह अत्यंत सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम क्षेत्र के मत्स्यजीवियों, किसानों एवं सहकारी समितियों के लिए एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार विधान परिषद के माननीय सदस्य, पूर्व मंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार सरकार एवं बिहार विधान परिषद के पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री हरि सहनी द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर ग्रामीण भारत में डिजिटल क्रांति का सशक्त माध्यम बन चुका है और इससे मत्स्यजीवी समुदाय को सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सेवाओं, बीमा योजनाओं एवं अन्य डिजिटल सुविधाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। उन्होंने इस पहल को आत्मनिर्भर भारत एवं डिजिटल इंडिया मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सहकारिता मंत्रालय (स्थापनारू 6 जुलाई 2021) एवं मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय (स्थापनारू 21 मई 2019) के माध्यम से मत्स्य क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 20,050 करोड़, फिशरीज इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड के तहत 7,522 करोड़ एवं प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना के तहत 6,000 करोड़ एवं राष्ट्रीय मखाना बोड के तहत 500 करोड़ की योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे मत्स्यजीवियों के सर्वांगीण विकास को गति मिल रही है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री ऋषिकेश कश्यप, प्रबंध निदेशक, कॉफ्फेड, पटना ने अपने संबोधन में कहा कि कॉफ्फेड का उद्देश्य मत्स्यजीवियों एवं सहकारी समितियों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण एवं वित्तीय सेवाओं से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना है। उन्होंने बताया कि यह कॉमन सर्विस सेंटर “वन-स्टॉप सॉल्यूशन सेंटर” के रूप में कार्य करेगा, जहां से निम्नलिखित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगीकृ एनएफडीबी पोर्टल पर मछुआरों का पंजीकरण, मत्स्य किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित सेवाएं, विभिन्न बीमा सेवाएं (मछुआरा बीमा, नाव बीमा, मछली बीमा, फसल बीमा आदि), आधार, पैन, बैंकिंग एवं डिजिटल भुगतान सेवाएं, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना एवं अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ, मछली पालन, मखाना एवं सिंघाड़ा उत्पादन से संबंधित प्रशिक्षण एवं तकनीकी परामर्श, जल, मिट्टी एवं मछली रोग परीक्षण की सुविधा, सहकारी समितियों का पंजीकरण एवं डिजिटलीकरण। इस सेन्टर के माध्यम से जन्म से लेकर मृत्यु तक एवं गर्भाधान से लेकर मुक्तिधाम तक के सभी कार्याें को किया जाएगा।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री शिवानंद प्रसाद, निदेशक, कॉफ्फेड, श्री मदन कुमार सहनी, निदेशक, पटना मत्स्य क्रय-विक्रय सहकारी संघ, एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी अतिथियों ने इस पहल को मत्स्यजीवी समाज के आर्थिक सशक्तिकरण, डिजिटलीकरण एवं रोजगार सृजन की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री राजू चौधरी, अध्यक्ष, मनेर प्रखंड मत्स्यजीवी सहयोग समिति द्वारा की गई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह केंद्र स्थानीय मत्स्यजीवियों के लिए न केवल डिजिटल सेवाओं का केंद्र बनेगा, बल्कि उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने एवं बाजार से जोड़ने में भी सहायक सिद्ध होगा।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा समिति को कॉमन सर्विस सेंटर का प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय मत्स्यजीवी, किसान, युवा एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक मील का पत्थर बताया।
यह कॉमन सर्विस सेंटर ग्रामीण क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार एवं कौशल विकास के अवसर भी सृजित करेगा। साथ ही यह केंद्र सहकारी तंत्र को मजबूत करते हुए मत्स्यजीवियों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में कॉफ्फेड टीम, स्थानीय समिति के सदस्यों एवं सहयोगी संस्थाओं का विशेष योगदान रहा।
